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सहकार ने शुरू किया सरकार से विश्वासघात का खेल

– पोड़ी खदान से रेत का उत्खनन और टीपी चरकवाह और अटरिया की

शहडोल। जिले में रेत खदानों के समूहों का ठेका लेने वाली सहकार ग्लोबल ग्रुप ने अब सरकार के साथ विश्वासघात का खेल शुरू किया। रेत ठेका कंपनी ने अब टीपी का खेल शुरू कर दिया है। एक खदान की टीपी पर दूसरे खदान से रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सहकार ग्लोबल ग्रुप को सोन नदी से ब्योहारी ब्लॉक के ग्राम पोंडीकला (सेमरपखा) के खसरा नंबर 1801/2062 से 4.800 हेक्टर एवं खसरा नंबर 2055/2063 से 3.900 हेक्टर में रेत के उत्खनन एवं परिवहन की अनुज्ञा मिली हुई है। बताया जाता है कि सहकार ग्लोबल ग्रुप द्वारा शासन द्वारा निर्धारित मात्रा के समतुल्य जारी किए गए रॉयल्टी पर्ची का इस्तेमाल लगभग कर लिया गया है। वर्तमान में रॉयल्टी पर्ची के अभाव में पोंडीकला (सेमर पखा) से रेत का अवैध उत्खनन कर वहां से लगभग 12 किलोमीटर दूर सोन नदी के चरकवाह के खसरा नंबर 283/290 के 4.000 हेक्टर रेत खदान की रॉयल्टी पर्ची से अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण MP 18 ZD 5321 को दिनांक 17 मई 2024 चरकवाह खदान से देर शाम 20 बजकर 43 मिनट में टीपी नंबर 6735237741 से 260 किलोमीटर दूर सतना के लिए टीपी काटी गई। जिसे 10 घंटे 39 मिनट बाद 18 मई 24 की सुबह 7 बजकर 22 मिनट में सतना पहुंचना हैं। टीपी में बताया गया है कि लोडिंग पॉइंट विभाग से स्वीकृत चरकवाह खदान है। वही वाहन की गूगल मैप कैमरे से खींची गई तस्वीर बताती है कि वाहन क्रमांक
MP 18 ZD 5321 पोंडीकला खदान में 17 मई 24 की शाम 6 बजकर 25 मिनट में लोडिंग के लिए खड़ी रही। ऐसे ही कई वाहन के कागजात जन सम्पर्क एक्सप्रेस के प्रतिनिधि के पास उपलब्ध है।

नदी में उतारी कई मशीने

लोडिंग पॉइंट पोंडीकला (सेमर पखा) से रेत परिवहन कर रहे एक ट्रक चालक ने बताया कि ठेका कंपनी द्वारा सोन नदी में कई मशीनों के माध्यम से रेत का उत्खनन कर वाहनों में लोड कराया जा रहा है। शायद यही वजह है कि प्रतिदिन 150 से 200 वाहनों में रेत का परिवहन कराया जा रहा है। जानकारों की माने तो यह सरासर नियमों के विपरीत है। किंतु ठेका कंपनी के नुमाइंदे चाहते हैं कि बारिश का प्रतिबंध लगने से पहले वह अधिक से अधिक रेत की निकासी कर ले।

इसलिए नहीं हो रही कार्यवाही

रेत परिवहन से जुड़े वाहन चालको ने बताया कि चेक पोस्टों तथा आरटीओ से लेकर पुलिस थानों तक कंपनी की सेटिंग होने के कारण उन्हें रेत परिवहन में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है। वाहन चालकों ने यह भी बताया कि पौड़ीकला रेत खदान से गोविंदगढ़ तक लगभग ₹ 25,000 रुपये बांटने पड़ते हैं। वाहन चालकों की यह स्वीकारोक्ति अनुमान लगाने के लिए काफी है कि तथाकथित गोरखधंधे के बावजूद कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है।

पीएस कर चुके निरीक्षण

प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन खनिज साधन विभाग निकुंज श्रीवास्तव ने गुरुवार को शहडोल जिला अंतर्गत स्वीकृत रेत खदान पोंडीकलां का निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत रेत खदानों से ही रेत का उत्खनन वैध रेत ठेकेदार से कराया जाये। इसके पश्चात चरकवाह रेत भंडारण अनुज्ञप्ति का भी निरीक्षण किया। जिसमें उनके द्वारा रेत भंडारण अनुज्ञप्ति क्षेत्र में भंडारित रेत की मात्रा के संबंध में पृथक से निर्देश दिये गये।

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