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दुकान विशेष से किताबें और यूनिफार्म खरीदने पर बाध्य करने वाले स्कूलों पर करें कार्यवाही

कलेक्टर श्री सक्सेना के अधिकारियों को निर्देश.

व्हॉट्सअप पर सीधे कलेक्टर को भी की जा सकेगी शिकायत.

जबलपुर । किसी दुकान विशेष से पाठ्य पुस्तकें, शिक्षण सामग्री और यूनिफार्म खरीदने बच्चों या उनके अभिभावकों को बाध्य करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश कलेक्टर दीपक सक्सेना ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये हैं ।
श्री सक्सेना ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा है कि नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर कतिपय स्कूल प्रबंधन एवं प्राचार्य द्वारा एनसीईआरटी या एससीईआरटी से संबंधित पुस्तकों के साथ अन्य प्रकाशकों की अधिक मूल्य की पुस्तकें एवं शैक्षिक सामग्री अथवा यूनिफार्म खरीदने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पालकों को बाध्य करने के शिकायतें सामने आयेंगी या आ सकती हैं ।
कलेक्टर ने ऐसी प्रत्येक शिकायत पर तत्काल एक्शन लेने तथा दोषी स्कूलों के विरुद्ध मध्यप्रदेश निजी विद्यालय नियम 2020 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये हैं । उन्होंने सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्र में दुकान विशेष से कॉपी-किताबें, अन्य शैक्षणिक सामग्री अथवा यूनिफार्म क्रय करने पालकों को बाध्य करने की मिलने वाली शिकायतों पर निजी स्कूलों और विक्रेताओं के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं ।

*अभिभावक व्हॉट्सअप पर सीधे उन्हें भी कर सकते हैं शिकायत – कलेक्टर*

कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दुकान विशेष से कॉपी-किताबें, यूनिफार्म और अन्य शैक्षिक सामग्री खरीदने के लिये बाध्य करने की शिकायतों पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश देने के साथ ही स्कूली बच्चों के अभिभावकों से कहा है कि वे इस तरह की शिकायत सीधे उन्हें व्हाट्सएप नम्बर पर भी कर सकते हैं । श्री सक्सेना ने कहा कि दुकान विशेष से कॉपी-किताबें या यूनिफार्म क्रय करने शाला प्रबंधन द्वारा औपचारिक या अनौपचारिक से दिये गये निर्देश, सलाह या सूचना अथवा स्कूल के अंदर या बाहर लगे पोस्टर, पम्पलेट अथवा बैनर की रिकार्डिंग या इमेज अभिभावक अपने मोबाइल से उनके व्हाट्सएप नम्बर 94070 83130 पर दें । उन्होंने कहा कि अभिभावकों से प्राप्त इस तरह की शिकायत या सूचना देने पर तत्काल कार्यवाही होगी साथ ही शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जायेगा ।

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