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छुट्टी के बाद भी खुलेंगे ट्रेजरी दफ्तर

आज से ट्रेजरी में नहीं लगेंगे ठेकेदारों के बिल, वेतन, केंद्र व राज्य की स्कीम के ही होंगे पेमेंट

*भोपाल* प्रदेश की ट्रेजरी में गुरुवार से ठेकेदारों के भुगतान संबंधी बिल नहीं लगेंगे। सिर्फ उन्हीं बिलों को सरकार मंजूरी देगी जिसे वित्त विभाग ने 27 मार्च के बाद भुगतान के लिए स्वीकृति दी है। वित्त वर्ष के अंतिम सप्ताह में ट्रेजरी पर लोड कम रखने के लिए सरकार ने यह फैसला किया है। इसको लेकर सभी कोषालय अधिकारियों से कहा गया है कि वेतन और अन्य महत्वपूर्ण ट्रेजरी बिलों के अलावा कोई अन्य बिल कोषालय में 27 मार्च के बाद नहीं लगाए जाएंगे। इस दौरान कोषालय अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे ई फाइल जनरेट करके उसे अपलोड करने व निराकरण करने का काम करेंगे।

आयुक्त कोष और लेखा ज्ञानेश्वर पाटिल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 27 मार्च के बाद केवल वेतन, मेडिकल, विद्युत, टेलीफोन बिल, पेंशन तथा वेतन एरियर्स के बिल ही स्वीकार किए जाएंगे। नियमित शासकीय सेवकों के साथ-साथ मानसेवी वेतन, मानदेय, मजदूरी वेतन, आंगनवाड़ी, कोटवार, होमगार्ड्स आदि के वेतन इसमें शामिल हैं, जिनका भुगतान बैंक खाते के माध्यम से किया जाता है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि पहले से कोषालय में पेश ऐसे बिल जो आपत्ति निराकरण के बाद आते हैं वे 27 मार्च के बाद भी स्वीकार किए जाएंगे।

*इन बिलों को मिलेगी मंजूरी*

पूंजीगत व्यय से संबंधित बिल तथा केन्द्रीय योजनाओं से संबंधित बिल भी स्वीकार किए जाएंगे।

आयुक्त ने कहा है कि सभी प्रकार की स्कॉलरशिप, स्टाइपेंड देयक एक्स ग्रेसिया और जीएसटी रिफंड के बिल भी स्वीकार किए जाएंगे।

निवेश, ऋण अदायगी, ऋण तथा अग्रिम, एन्युटी मूल्य, अंतर लेखा अंतरण के बिल भी स्वीकार किए जाएंगे।

आयुक्त ने कहा है कि 30 मार्च और 31 मार्च को शासकीय अवकाश होने के कारण बिलों के स्वीकार करने में सख्ती रहेगी।

30 मार्च को रात 12 बजे के बाद सिर्फ ऐसे बिल स्वीकार होंगे जो 27 मार्च के बाद प्रस्तुत किए गए हैं।

केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं और 15वें वित्त आयोग से संबंधित ऐसे बिल जिनकी आहरण की स्वीकृति 27 मार्च के बाद तय की गई है, वह भी स्वीकार किए जाएंगे।

पूंजीगत व्यय से संबंधित बिल और आयुक्त कोष एवं लेखा की विशेष अनुमति से जारी किए गए बिल ही स्वीकार होंगे।

*अंतिम कार्य दिवस में कोई बिल पेंडिंग न रहे*

आयुक्त ने कहा है कि बिलों के परीक्षण एवं भुगतान में तत्परता बरती जाए और प्रयास किया जाए कि 28 मार्च को प्रस्तुत किए गए बिल उसी दिन निराकृत हो जाएं ताकि 29 मार्च, 30 मार्च और 31 मार्च को शासकीय अवकाश होने के कारण शेष बचे बिलों के निराकरण में आसानी हो। कोषालय में पेश किए गए बिलों के देयक अंतिम कार्य दिवस में पेंडिंग नहीं रहना चाहिए।

*ट्रेजरी अफसर ई फाइल जनरेट करेंगे*

भुगतान में कठिनाई न हो, इसके लिए हर कार्य दिवस पर ई फाइल बनाई जाएगी। कोई भी ई फाइल 31 मार्च के लिए शेड्यूल नहीं की जाएगी। वित्त अफसरों से कहा गया है कि 31 मार्च को भी समय-समय पर ई फाइल जनरेट एवं अपलोड की जाए। अपलोड की जाने वाली ई फाइल की जानकारी पंजी में दर्ज की जाए ताकि यह पता रहे कि कौन सी फाइल अपलोड की जा चुकी है। आयुक्त कोष और लेखा ने प्रदेश के सभी आहरण संवितरण अधिकारियों से कहा है कि इस वित्तीय वर्ष के बिल 27 मार्च तक पेश हो जाने चाहिए। इस माह में 29 मार्च गुड फ्राईडे, 30 मार्च को शनिवार तथा 31 मार्च को रविवार को शासकीय अवकाश है। 31 मार्च को बैंकों की वार्षिक लेखाबंदी होगी। सभी कोषालय अवकाश के बाद भी खुले रखे जाएंगे।

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