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कृषि विभाग आत्मा के अंतर्गत संचालित देसी सर्टिफिकेट में भ्रष्टाचार का मामला।

डायरेक्टर के पी अहरवाल को बचाने छात्रों को प्रमाण पत्र निरस्त करने की धमकी
जबलपुर 28 फरवरी। कृषि विभाग आत्मा जबलपुर के अंतर्गत संचालित देसी सर्टिफिकेट कोर्स में राज्य कृषि विस्तार प्रशिक्षण संस्थान के डायरेक्टर के पी अहरवाल पर लगे भ्रष्टाचार के मामले में राज्य सरकार के कृषि सचिवालय ने जानकारी मांगी है। जिला प्रशासन ने भी जांच के आदेश दिए हैं। जिसके लिए आत्मा जबलपुर के डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर एस के निगम से जांच कर अभिमत मांगा हैं। जिसके लिए बकायदा देसी के सातवें बैच में अध्यनरत छात्रों को पत्र जारी कर अभिमत लेने बुलाया गया। जिसमें कम संख्या में छात्रों ने अपने अभिमत दिए गए।

*छात्रों को मैनेज अधिकारी ने धमकाया*
छात्र रोहित जैन ने बताया कि मंगलवार को मोबाइल नंबर 9113872417 से शाम 4 बजकर 54 मिनिट पर मैनेज हैदराबाद से डा चैत्रहा रंगनाथ का फोन आया कि यदि आप लोग के बयान से यह साबित होता है कि के पी अहरवाल या सहायक संचालक नम्रता उरकुड़े ने पैसे लिए हैं तो पूरे कोर्स को निरस्त कर दिया जाएगा। जिससे सभी छात्र अपना बयान दर्ज करने आत्मा ऑफिस नहीं आए।

अधिकारियों के भ्रष्टाचार की सजा छात्रों को क्यों                 देसी सर्टिफिकेट कोर्स के छात्रों ने दिए अभिमत में कहा कि अधिकारियों के द्वारा चार हजार रुपए मांगकर भ्रष्टाचार किया गया और दबाब छात्रों पर अभिमत पक्ष में देने के लिए बनाया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि के पी अहरवाल व मैनेज हैदराबाद के अधिकारियों को बचाने के लिए ही जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है।

भारतीय किसान संघ ने जांच के लिए उच्च समिति बनाने की मांग रखी
देसी डिप्लोमा कोर्स में भ्रष्टाचार के मामले को उजागर करने वाले भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख व शिकायतकर्ता राघवेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि प्रशासन द्वारा पूरी जांच प्रक्रिया में लीपापोती की जा रही। भ्रष्टाचार के मामले की जांच को लेकर श्री पटेल ने कहा कि इस मामले में बड़े अधिकारियों की सीढ़ी लिप्तता प्रतीत हो रही है। इसलिए खानापूर्ति कर मामले को कमजोर किया जा रहा है। जबकि पैसे लेने के तथ्य प्रमाणिक है। भारतीय किसान संघ ने मांग की कि प्रदेश सरकार सचिव स्तर के अधिकारी की देखरेख में समिति गठित कर जांच के आदेश जारी करे अन्यथा आंदोलन व न्यायालय में जाने के लिए बाध्य होंगे।

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