होम

Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

महादेव ऐप का मालिक रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार

भारत लाने की तैयारी, UAE अधिकारियों से संपर्क में एजेंसियां

ईडी ने रायपुर की स्‍पेशल कोर्ट से इन दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट लिया। उसके बाद अक्‍टूबर में इन दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था।

रायपुर एजेंसी। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक बार फिर बड़ी कामयाबी मिली है। दुबई पुलिस ने ऐप के दो मुख्य आरोपियों में से एक – रवि उप्‍पल को अरेस्ट कर लिया है। रवि 6,000 करोड़ रुपये के एक मनी लॉन्ड्रिंग केस का कथित मास्टरमाइंड है जिसमें छत्तीसगढ़ के निवर्तमान सीएम भूपेश बघेल का नाम सामने आया है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही उसे भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है।

इंटरपोल ने जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस

जानकारी के अनुसार, भारतीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से अनुरोध किए जाने पर इंटरपोल ने रवि उप्पल के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया था, जिस पर कार्रवाई करते हुए दुबई की स्थानीय पुलिस ने रवि उप्पल को गिरफ्तार किया है। माना जा रहा है कि महादेव ऐप का दूसरा प्रमोटर सौरभ चंद्राकर भी जल्‍द UAE में दबोचा जा सकता है क्योंकि पुलिस को उसकी लोकेशन की जानकारी मिल गई है, गिरफ्तारी के बाद उसे भी भारत को हैंडओवर किया जाएगा। ईडी ने रायपुर की स्‍पेशल कोर्ट से इन दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट लिया। उसके बाद अक्‍टूबर में इन दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था।

भारत लाने की तैयारी, दुबई के अधिकारियों के संपर्क में भारतीय एजेंसी

-आपको बता दे कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी उसे भारत लाने के लिए दुबई के अधिकारियों के संपर्क में हैं।प्रवर्तन निदेशालय कथित अवैध सट्टेबाजी से जुड़े धन शोधन मामले में उप्पल के खिलाफ जांच कर रहा है, वही छत्तीसगढ़ पुलिस और मुंबई पुलिस भी जांच कर रही हैं।

-संघीय जांच एजेंसी ने अक्टूबर में छत्तीसगढ़ के रायपुर में ‘धन शोधन निवारण अधिनियम’ (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत के समक्ष उप्पल और इंटरनेट-आधारित मंच के एक अन्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के खिलाफ धन शोधन मामले में आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें बताया गया था कि उप्पल ने प्रशांत महासागर में एक द्वीप देश वानुआतु का पासपोर्ट लिया है तथा उसने भारतीय नागरिकता नहीं छोड़ी है।

-उप्पल एक सहायक पुलिस उपनिरीक्षक ‘चंद्रभूषण वर्मा’ और कुछ अन्य लोगों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के नौकरशाहों और नेताओं को रिश्वत के पैसे पहुंचाने की देखरेख कर रहा था।बाद में प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध पर इंटरपोल ने एक रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!