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हरियाणा के यमुनानगर में जहरीली शराब पीने से 16 की मौत, पटना में 35 लाख का अबैध शराब जब्त

यमुनानगर

किसी ने शायद ही सोचा होगा कि कुछ पलों के मजे के लिए वो जिस प्याले को पीने जा रहे हैं, वो इतना ज़हरीला होगा कि उनकी ज़िंदगी ही उनसे छीन लेगा. काल बनकर आए इस प्याले ने यमुनानगर में इस कदर कहर बरपाया है कि लोग इससे उबर ही नहीं पा रहे हैं. हर रोज़ बस बुरी ख़बर ही सुनने को मिल रही है.

ज़हरीले जाम से लगातार होती मौतें : यमुनानगर में ज़हरीली शराब से मौत के आंकड़े में लगातार बढ़ोत्तरी जारी है. अब तक शराब पीकर मरने वालों की तादाद बढ़कर 16 हो चुकी है. कल सुबह तक शराब से मरने वालों का आंकड़ा 10 था, वहीं शाम होते-होते यही आंकड़ा बढ़कर 12 हो गया. इस बीच देर रात 2 और लोगों ने अपनी जान गंवा दी, वहीं सुबह 2 लोगों की मौत की ख़बर आई, जिसके बाद मौत का आंकड़ा बढ़कर 16 पर पहुंच गया.

एक्शन में पुलिस, अब तक 7 लोग गिरफ्तार : ज़हरीले जाम को पीने से जहां 16 लोग जान गंवा चुके हैं, वहीं हड़कंप मचने के बाद पुलिस अमला एक्शन में है. पूरे मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें एक कांग्रेस का नेता भी बताया जा रहा है. जिन सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उसमें शराब ठेकेदार, सप्लायर और नकली शराब बनाने वाले लोग शामिल हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में अभी और भी कई गिरफ्तारियां हो सकती है. वहीं अंबाला के मुलाना के बाद कई जगहों पर पुलिस की छापेमारी जारी है. साथ ही पुलिस नजदीकी राज्यों की पुलिस से भी संपर्क कर जानकारी जुटाने की कोशिश में है. पुलिस के मुताबिक जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा.

जहरीली शराब प्रकरण में पुलिस अभी तक कांग्रेस नेता और शराब ठेकेदारों समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 15 नवंबर तक रिमांड पर लिया गया है। इस मामले में करीब 10 लोग अभी पुलिस के रडार पर हैं, जिनकी गिरफ्तारी होनी है।

सारन गांव में शुक्रवार को जहरीली शराब से जान गंवाने वालों में 35 वर्षीय अनिल, 45 वर्षीय जगमाल सिंह और 33 वर्षीय प्रदीप शामिल हैं। वहीं बिलासपुर के मंगलौर गांव में 45 वर्षीय ऋषिपाल और पंजेटो के माजरा गांव निवासी 65 वर्षीय जगीर सिंह की भी जहरीली शराब से मौत हो गई है, हालांकि पुलिस प्रदीप और ऋषिपाल की मौत को फिलहाल संदिग्ध बता रही है और 12 लोगों की ही जहरीली शराब से मौत की पुष्टि की है।

इससे पहले तबीयत खराब होने पर सभी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने दो शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। वहीं मृतक अनिल, प्रदीप व जगमाल का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार शनिवार को होगा।

इससे पहले मंडेबरी के 35 वर्षीय सुशील उर्फ विपिन की गुरुवार देर शाम मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद उसका शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब तक मंडेबरी, पंजेटो का माजरा, फूंसगढ़, सारन व मंगलौर गांव में जहरीली शराब पीने से कुल 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जब अंबाला जिले में शराब फैक्टरी के दो कारिंदों की भी मौत हो चुकी है।

काम की तलाश में 15 दिन पहले अंबाला आए थे शिवम और दीपक
धनौरा-बिंजलपुर गांव में पकड़ी गई फैक्टरी की जहरीली शराब पीने से दो कर्मचारियों की भी मौत हुई थी, जिनकी पहचान मुज्जफरनगर निवासी शिवम उर्फ लोकेश व दीपक के रूप में हुई थी। पुलिस ने मृतक शिवम के पिता मुज्जफरनगर उत्तर प्रदेश के गांव कुरथल निवासी मूलचंद की शिकायत पर अंकित उर्फ मोगली पर मामला दर्ज किया है। पिता का कहना था कि उनका लड़का शिवम उर्फ लोकेश करीब 15 दिन पहले अपने दोस्त कुरथल गांव निवासी दीपक सिंह के साथ काम की तलाश में अंबाला आया था, जहां शराब कारोबारी अंकित के पास काम पर लग गया था। इसके बाद सूचना मिली कि बेटे व उसके दोस्त की उसी फैक्टरी में बनी शराब पीने से मौत हो गई है।
 

नकली शराब मामले में जेल काट चुका है गौरव
प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दल के नेता का बेटा गौरव कांबोज बुबका नकली शराब मामले में कई माह तक पहले भी जेल काट चुका है। जानकारी के अनुसार, 11 सितंबर 2020 को शराब ठेकेदार गौरव कांबोज ने अपने हिस्सेदार के साथ नकली शराब से भरा कैंटर बुबका रोड से पकड़ा था। इस कैंटर को पुलिस को सौंप दिया गया था। मौके पर मथाना निवासी प्रदीप को पकड़ा गया था। कैंटर से 689 पेटियां देसी शराब बरामद की गई, जिनमें 8279 बोतलें पाई गईं। बड़ी मात्रा में नकली शराब पकड़े जाने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि गौरव कांबोज ने जानबूझ कर शराब से भरा ट्रक पकड़वाया था। उस वक्त उनका रादौर क्षेत्र में ही शराब का ठेका था। नकली शराब के रेट पर सहमति नहीं बनने पर उन्होंने ट्रक को पकड़वा दिया था। गौरव करीब पांच साल से शराब कारोबार से जुड़ा है।

करीब 12 साल से शराब कारोबार में है मांगे राम
जहरीली शराब प्रकरण में गिरफ्तार कांग्रेस नेता मांगे राम मारूपुर करीब 12 साल से शराब कारोबारी है। पहले उसका ठेका रादौर क्षेत्र में हुआ करता था। अब वह अन्य ठेकेदारों के साथ यमुनानगर शहर के कई ठेकों में हिस्सेदार हैं। वह प्रदेश कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री का करीबी बताया जा रहा है। मंत्री का उसके घर पर आना-जाना भी रहा है। पांच साल पहले मांगे राम ने पूर्व मंत्री के लिए रादौर में रैली का आयोजन किया था जिसमें अच्छी खासी भीड़ जुटी थी। त्योहारों व कांग्रेस के आयोजनों के दौरान लगे उनके होर्डिंग पर पूर्व मंत्री की फोटो अक्सर देखी जाती है।

अवैध शराब न पीने की अपील कर रही पुलिस
डीएसपी राजेश कुमार का कहना है कि अवैध रूप से बिक रही शराब हानिकारक होती है। जिले में जिन 14 लोगों की मौत हुई है, उन सभी में शुरुआती लक्षण एक जैसे दिखे हैं। अवैध रूप से शराब बेचने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। पहले से गिरफ्तार आरोपी 15 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। इस पूरी चेन का तोड़ते हुए पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाने का काम किया जाएगा।

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