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बड़ा सवाल, भाजपा चुनाव जीती तो विधायक कौन बनेगा..?

क्या गुल खिलाएगा जयसिंहनगर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का आक्रोश

राहुल सिंह राणा, सत्ता के गलियारे से

शहडोल। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शहडोल जिला विशेष कर जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण पल प्रतिपल बदलते नजर आ रहे हैं। परोक्ष तौर पर पार्टी उम्मीदवार का विरोध कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं और जैतपुर विधानसभा क्षेत्र के कथित कटु अनुभवी लोगों द्वारा भाजपा उम्मीदवार श्रीमती मनीषा सिंह की राह में गोपनीय तरीके से कांटे बोए जाने के प्रयासों की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी एवं विधायक श्रीमती मनीषा सिंह से किसी भी कारणवश खार खाने वाले कार्यकर्ताओं द्वारा जहां-तहां होने वाली चर्चाओं में व सोशल मीडिया के माध्यम से भी यह सवाल उठाया जाने लगा है कि यदि जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतती है तो क्षेत्र का वास्तविक विधायक कौन होगा…? उनका कहना है कि जैतपुर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकाल को देखते हुए इस आशंका को नहीं नकारा जा सकता है कि विधायक के अधिकारों का एक बार फिर अतिक्रमण हो सकता है।

क्या है जैतपुर का मामला

पार्टी में रहकर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की राह में कांटे बोने और उन्हें पराजय से दंडित करने के कथित प्रयास में जुटे कार्यकर्ताओं की नाराजगी की वजह क्या है। इसके बारे में पता लगाने पर चर्चा के दौरान जो बातें सामने आई उनके मुताबिक जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही श्रीमती मनीषा सिंह इस चुनाव के पूर्व जैतपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक रही है और विधायक रहते हुए उन्होंने क्षेत्रीय विकास के लिए जो भी बन पड़ा वह किया है। कार्यकर्ताओं और जैतपुर विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विभागों, संगठनों, संस्थाओं में कार्यरत लोगों द्वारा यह आरोप लगाए जाते रहे हैं कि क्षेत्र की विधायक भले ही श्रीमती मनीषा सिंह निर्वाचित हुई हैं उनके समस्त अधिकारों का उपयोग, उपभोग विधायक पति यानी राजेंद्र सिंह उर्फ बबुआ द्वारा किया जाता है। इतना ही नहीं विधायक पति पर क्षेत्र में ठेकेदारी करने और लोगों से विधायक के नाम पर वसूली करने के अपुष्ट आरोप भी लगते रहे हैं।

विपरीत नाम का कांटा

जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रही श्रीमती मनीषा सिंह की जीत की राह में कांटे और भी नजर आ रहे हैं जिनमें से एक कांटा विपरीत नाम वाला है। दावेदारी के बावजूद पार्टी द्वारा जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र से अधिकृत प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से नाराज जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं भाजपा से निष्कासित नेत्री फूलवती सिंह भी भाजपा उम्मीदवार के जीत के मार्ग में बड़ी बाधा साबित हो सकती है। इस नेत्री के बारे में यह माना जाता है कि जिले भर में हजारों की तादाद में गठित महिला स्वास्थ सहायता समूह की सदस्यों के बीच उनकी अच्छी पैठ है स्व सहायता समूह से जुड़े होने के करण उन्हें यह विश्वास है और उनके सहयोगी भी यह मानते हैं कि स्व सहायता समूह से जुड़ी समस्त महिला सदस्य भाजपा या कांग्रेस उम्मीदवार के बजाय अपने समूह की बहन का साथ देगी और अगर ऐसा होता है तो महिला मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग भाजपा की जीत में बाधक साबित हो सकता है।

कन्नी काट रहे कार्यकर्ता

जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र की उम्मीदवार श्रीमती मनीषा सिंह भले ही शहडोल शहर व जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र की निवासी हैं, लेकिन चूंकि वह जैतपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक रही है इसलिए उन्हें बहुत से पार्टी कार्यकर्ता और संगठन से जुड़े लोग बाहरी मानते हैं और उनकी यह मंशा समझ में आ रही है कि वह किसी बाहरी उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेंगे। बाहरी होने के तमगा के साथ ही जैतपुर विधानसभा क्षेत्र में कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की चर्चा ने भी स्थानीय कार्यकर्ताओं को पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में जी जान से जुट कर प्रयास और प्रचार करने से दूरी बनाने पर विवश कर दिया है। विधानसभा चुनाव में जीत किसकी होगी, कौन इस क्षेत्र का विधानसभा में प्रतिनिधित्व करेगा, इस बात का फैसला तो क्षेत्र के मतदाता ही करेंगे, और उनका फैसला आने वाले महीने की तीन तारीख को प्राप्त होगा। बहरहाल मौजूदा राजनीतिक हालात में चुनावी उठापटक का दौर जारी है जो मतदान शुरू होने तक चलता रहेगा और हम पाठकों को उससे यथासंभव अवगत कराते रहेंगे।

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